फिल्म इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्ममेकर संजय गुप्ता का 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। बताया जा रहा है कि घर पर गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। उनके निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

फिल्ममेकर और इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के अध्यक्ष अशोक पंडित ने सोशल मीडिया के जरिए संजय गुप्ता के निधन की पुष्टि की। उन्होंने अपने पोस्ट में इस खबर पर दुख जताते हुए लिखा कि संजय गुप्ता के जाने की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है। उन्होंने उन्हें एक शानदार निर्देशक, बेहतरीन कहानीकार और जिंदगी से भरपूर इंसान बताया।

अशोक पंडित ने अपने संदेश में लिखा कि संजय गुप्ता का जाना फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी क्षति है। उन्होंने दिवंगत फिल्ममेकर के परिवार और करीबियों के प्रति संवेदनाएं भी व्यक्त कीं।

संजय गुप्ता हिंदी सिनेमा में अपनी अलग पहचान रखने वाले निर्देशकों में शामिल थे। उन्होंने 'जंग', 'कांटे', 'शूटआउट एट वडाला' और 'काबिल' जैसी फिल्मों का निर्देशन किया था। खासतौर पर क्राइम ड्रामा और एक्शन थ्रिलर फिल्मों को पर्दे पर पेश करने का उनका अंदाज दर्शकों के बीच काफी चर्चित रहा। कई दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहकर उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई।

संजय गुप्ता इससे पहले भी एक गंभीर हादसे का सामना कर चुके थे। सालों पहले पुणे से मुंबई की यात्रा के दौरान उनका एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उन्हें कई चोटें आई थीं। हालांकि, उस हादसे से वह उबरने में सफल रहे थे।

लेकिन इस बार घर पर हुए हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली। उनके निधन से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने एक ऐसे फिल्ममेकर को खो दिया है, जिसकी पहचान अपने खास एक्शन और क्राइम सिनेमा के लिए हमेशा याद की जाएगी।