‘दृश्यम 3’ की कहानी होगी बिल्कुल अलग, मोहनलाल की फिल्म से नहीं होगा कनेक्शन
अजय देवगन की मच अवेटेड फिल्म ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का ट्रेलर रिलीज होते ही फिल्म को लेकर फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ गई है। ट्रेलर में विजय सलगांवकर एक बार फिर अपने परिवार को बचाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं, लेकिन इस बार उनके सामने पहले से कहीं बड़ी चुनौती है। तब्बू की मीरा देशमुख बदले की आग में लौट चुकी हैं और जयदीप अहलावत की एंट्री ने कहानी को और भी उलझा दिया है।
फिल्म के ट्रेलर लॉन्च के दौरान अजय देवगन ने इस फ्रेंचाइजी को लेकर एक ऐसा खुलासा किया, जिसने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी। अभिनेता ने साफ कर दिया कि ‘दृश्यम 3’ इस कहानी का आखिरी अध्याय होगा। यानी विजय सलगांवकर की कहानी को इसके बाद आगे बढ़ाने की उनकी कोई योजना नहीं है।
अजय ने बताया कि ‘दृश्यम’ जैसी कहानी का अगला पार्ट बनाना आसान नहीं है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि कहानी को ठीक उसी जगह से आगे बढ़ाना पड़ता है, जहां पिछली फिल्म खत्म हुई थी। साथ ही हर नए पार्ट में नए ट्विस्ट और सस्पेंस को शामिल करना जरूरी होता है, ताकि दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहे।
इसी वजह से दूसरे पार्ट के बाद खुद अजय को भी यकीन नहीं था कि इस फ्रेंचाइजी का तीसरा हिस्सा बन पाएगा या नहीं। लेकिन लेखक-निर्देशक अभिषेक और उनकी राइटिंग टीम ने लगभग ढाई साल तक कहानी पर काम किया। जब स्क्रिप्ट तैयार हुई तो अजय को लगा कि अब इस कहानी को एक दमदार और संतोषजनक अंत दिया जा सकता है।
अजय का मानना है कि जब कहानी अपने सही मुकाम तक पहुंच जाए तो सिर्फ फ्रेंचाइजी को जारी रखने के लिए उसे खींचना सही नहीं होता। उनके मुताबिक, ‘दृश्यम’ की कहानी जिस पड़ाव पर पहुंच चुकी है, वहां इसे खत्म करना ही सबसे बेहतर फैसला है। उन्होंने अभिषेक की स्क्रिप्ट की तारीफ करते हुए भरोसा जताया कि दर्शकों को भी इसका अंत पसंद आएगा।
मलयालम ‘दृश्यम 3’ से कितनी अलग है कहानी?
फिल्म को लेकर एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ की कहानी मलयालम स्टार मोहनलाल की ‘दृश्यम 3’ से जुड़ी होगी?
अजय ने इस सवाल का जवाब बिल्कुल साफ तरीके से दिया है। उन्होंने बताया कि हिंदी फिल्म का तीसरा पार्ट मलयालम वर्जन से बिल्कुल अलग कहानी पर आधारित है। अजय के मुताबिक, पहली हिंदी ‘दृश्यम’ जरूर मोहनलाल की फिल्म से इंस्पायर्ड थी, लेकिन तीसरे पार्ट की कहानी नए सिरे से लिखी गई है।
यानी ऐसा नहीं है कि मलयालम फिल्म की कहानी में कुछ बदलाव करके हिंदी वर्जन तैयार किया गया है। दोनों फिल्मों की कहानी अलग है और इनके आगे बढ़ने का तरीका भी अलग होगा। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि हिंदी वर्जन में विजय सलगांवकर की कहानी किस अंजाम तक पहुंचती है।
अजय ने इस मौके पर मोहनलाल के लिए भी खास बात कही। उन्होंने इच्छा जताई कि मोहनलाल उनकी फिल्म जरूर देखें। अगर मलयालम सुपरस्टार फिल्म देखने के बाद अपनी राय देते हैं तो यह अजय के लिए बेहद खास होगा। उन्होंने यहां तक कहा कि मोहनलाल से फिल्म के लिए अप्रूवल मिलना उनके लिए खुशी की बात होगी।
तब्बू और जयदीप अहलावत ने बढ़ाया सस्पेंस
ट्रेलर की बात करें तो इस बार कहानी पहले से ज्यादा गंभीर और बदले की भावना से भरी नजर आ रही है। तब्बू एक बार फिर मीरा देशमुख के किरदार में दिखाई दे रही हैं। लेकिन इस बार उनके किरदार के सामने सिर्फ पुराने केस को सुलझाने की चुनौती नहीं है, बल्कि बेटे की मौत का दर्द और उससे जुड़ा गुस्सा भी है।
वहीं जयदीप अहलावत की एंट्री ने विजय सलगांवकर की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ट्रेलर में वह तब्बू के साथ मिलकर विजय के खिलाफ मोर्चा लेते दिखाई देते हैं। ऐसे में विजय के लिए अपने परिवार को बचाना पहले से ज्यादा मुश्किल होने वाला है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विजय एक बार फिर पुलिस और कानून को मात दे पाएगा? क्या मीरा देशमुख आखिरकार उस सच तक पहुंच जाएंगी, जिसे विजय ने इतने सालों से छिपाकर रखा है? या फिर इस बार सलगांवकर परिवार की बनाई पूरी कहानी बिखर जाएगी?
इन सभी सवालों का जवाब 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में मिलेगा। एक बात तय है कि अगर अजय देवगन का दावा सही साबित हुआ, तो ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ सिर्फ एक और सीक्वल नहीं, बल्कि विजय सलगांवकर की कहानी का सबसे बड़ा और आखिरी खेल साबित हो सकता है।