फिल्म ‘Ramayana’ का पहला पार्ट अभी सिनेमाघरों तक पहुंचा भी नहीं है, लेकिन इसके दूसरे पार्ट की शूटिंग काफी आगे बढ़ चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेकर्स ने फिल्म के दूसरे हिस्से का करीब 80 फीसदी शूट पूरा कर लिया है। फिल्म में राम और रावण के युद्ध के साथ-साथ एक ऐसा सीक्वेंस भी देखने को मिलेगा, जिसका दर्शकों को बेसब्री से इंतजार रहेगा—लंका दहन।

इस सीन में Sunny Deol भगवान हनुमान के किरदार में लंका को आग के हवाले करते नजर आएंगे। बॉलीवुड के जाने-माने वीपन एक्सपर्ट Rishabh Tyagi के मुताबिक, यह भारतीय सिनेमा में अब तक शूट किए गए सबसे बड़े फायर सीक्वेंस में से एक है। इसकी भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ इस सीक्वेंस को फिल्माने में करीब दो महीने का वक्त लगा।

फिल्मों में बड़े स्तर के ऐसे सीक्वेंस तैयार करने के लिए आमतौर पर VFX और SFX दोनों तकनीकों का सहारा लिया जाता है। VFX में कंप्यूटर ग्राफिक्स के जरिए विजुअल्स तैयार किए जाते हैं, जबकि SFX यानी स्पेशल इफेक्ट्स में सेट पर वास्तविक और प्रैक्टिकल तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

‘Ramayana’ में भी दोनों तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है। फिल्म के जंगल, पहाड़ और कई बड़े बैकग्राउंड VFX की मदद से तैयार किए गए हैं, जबकि आग और राक्षसों से जुड़े कई मूवमेंट्स को प्रैक्टिकल इफेक्ट्स के जरिए शूट किया गया है।

फिल्म के प्रैक्टिकल एक्शन और हथियारों से जुड़े सीक्वेंस में Rishabh Tyagi की भी अहम भूमिका रही है। वह इससे पहले ‘मैं वापस आऊंगा’, ‘जिगरा’ और ‘ताजा खबर’ जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके हैं।

‘Ramayana’ के फायर सीक्वेंस के अनुभव को साझा करते हुए ऋषभ ने बताया कि लंका दहन वाला हिस्सा बेहद हाई-टेक तरीके से तैयार किया गया था और इसे शूट करने में करीब दो महीने लगे। उनके मुताबिक, इस दौरान उन्हें काफी कुछ नया सीखने और अनुभव करने का मौका मिला।

उन्होंने यह भी बताया कि बड़े फायर सीक्वेंस को शूट करने के लिए खास तरह की मशीनों का इस्तेमाल किया जाता है। अगर किसी सेट या बंगले को आग लगने का सीन फिल्माना हो, तो वहां LPG गैस आधारित मॉडिफाइड पाइपलाइन तैयार की जाती है। इसके बाद फायर मशीनों को सेट के अलग-अलग हिस्सों में लगाया जाता है।

शूटिंग के दौरान इन मशीनों को ऑपरेटर्स पूरी तरह नियंत्रित करते हैं। कैमरा रोल होने से ठीक पहले मशीनें एक्टिव की जाती हैं और सेट पर आग दिखाई देने लगती है। जैसे ही निर्देशक शॉट को ओके करता है, मशीनें तुरंत बंद कर दी जाती हैं और आग बुझ जाती है।

यानी पर्दे पर कुछ सेकंड या मिनट का दिखने वाला लंका दहन का सीन तैयार करने के पीछे महीनों की प्लानिंग, टेक्नोलॉजी और प्रैक्टिकल इफेक्ट्स की मेहनत लगी है। यही वजह है कि ‘Ramayana’ के इस सीक्वेंस को लेकर अभी से दर्शकों की एक्साइटमेंट काफी बढ़ गई है।