‘एनिमल’ के बाद बॉलीवुड में क्यों बढ़ा हिंसा का ट्रेंड? Kareena Kapoor ने कहा- ‘इंडस्ट्री में भेड़चाल है’
बॉलीवुड में पिछले कुछ सालों में हिंसा और खून-खराबे वाली फिल्मों का चलन काफी बढ़ा है। इस ट्रेंड को अक्सर रणबीर कपूर की फिल्म 'एनिमल' की जबरदस्त सफलता से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, 'एनिमल' के बाद इसी तरह के फॉर्मूले पर बनी कई फिल्मों को उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली। अब एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने भी इंडस्ट्री के इस ट्रेंड पर खुलकर अपनी राय रखी है।
इन दिनों करीना अपनी अपकमिंग फिल्म 'दायरा' के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इसी दौरान यूट्यूब चैनल 'युवा' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 'एनिमल' की सफलता के बाद फिल्म इंडस्ट्री में अचानक एक नया ट्रेंड देखने को मिला। उनके मुताबिक, कई मेकर्स ओरिजिनल कहानियों पर काम करने के बजाय उसी तरह की हिंसक फिल्मों को दोहराने में जुट गए।
करीना का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर भेड़चाल देखने को मिलती है, लेकिन दर्शक अब पहले से कहीं ज्यादा समझदार हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऑडियंस अच्छी तरह जानती है कि उसे क्या देखना है और कौन सी फिल्म उसके समय और पैसे के लायक है। उनके मुताबिक, सिर्फ किसी फिल्म को कॉमेडी, लव स्टोरी या एक्शन बताकर दर्शकों को सिनेमाघरों तक नहीं खींचा जा सकता।
एक्ट्रेस ने यह भी कहा कि आज की यंग ऑडियंस ऐसे सवाल पूछती है, जो फिल्ममेकर्स को सोचने पर मजबूर करते हैं। उनका मानना है कि आने वाले समय में वही फिल्में टिकेंगी, जिनमें कुछ नया और अलग कहने की कोशिश होगी। करीना ने साफ कहा कि अब हर फिल्म का 200 या 500 करोड़ रुपये कमाना जरूरी नहीं है।
करीना की इस बात से पहले डायरेक्टर तिग्मांशु धूलिया भी फिल्मों में बढ़ती हिंसा और गुस्सैल किरदारों पर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं। हालांकि, उन्होंने इस ट्रेंड की शुरुआत का श्रेय 'एनिमल' को देने के बजाय 'बाहुबली' को दिया था।
तिग्मांशु के मुताबिक, 'बाहुबली' के बाद ऐसी फिल्मों की संख्या बढ़ी, जिनमें जमकर मार-काट और खून-खराबा देखने को मिलता है। उन्होंने 'KGF' और 'कांतारा' जैसी फिल्मों का उदाहरण देते हुए कहा था कि आज फिल्मों के हीरो लंबे बाल और दाढ़ी बढ़ाकर ऐसे नजर आने लगे हैं, जैसे पुराने समय की रामायण और महाभारत के राक्षस हों। उनके मुताबिक, अब वही लुक और तेवर हीरो के किरदारों में भी दिखाई देने लगे हैं।