दीपिका की 8 घंटे वाली बहस के बीच प्रीति जिंटा ने 18 घंटे काम कर मचाई हलचल
फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर प्रीति ने इंडस्ट्री में चल रही लंबी वर्किंग आवर्स की बहस पर खुलकर बात की। 50 साल की एक्ट्रेस ने बताया कि ‘वाइब’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने कई बार 18 घंटे तक लगातार काम किया।
करीब एक दशक बाद बड़े पर्दे पर लौटीं प्रीति जिंटा अब अपनी कमबैक फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के बाद लगातार दूसरी फिल्म ‘वाइब’ में नजर आने वाली हैं। कुणाल खेमू के निर्देशन में बनी इस स्पाई कॉमेडी में प्रीति एक्शन अवतार में दिखेंगी।
फिल्म के ट्रेलर लॉन्च पर प्रीति ने इंडस्ट्री में चल रही लंबी वर्किंग आवर्स की बहस पर खुलकर बात की। 50 साल की एक्ट्रेस ने बताया कि ‘वाइब’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने कई बार 18 घंटे तक लगातार काम किया। हालांकि, यह किसी दबाव की वजह से नहीं था। प्रीति खुद जल्द से जल्द शूट पूरा करके अमेरिका में अपने बच्चों के पास लौटना चाहती थीं।
उन्होंने कहा कि भारत में उनके पास सिर्फ 30-40 दिन थे और वह इस दौरान हर दिन काम कर रही थीं। सोशल लाइफ के लिए भी उनके पास वक्त नहीं था। शूटिंग के दौरान बारिश, तबीयत खराब होने और एक्शन सीक्वेंस जैसी मुश्किलों के बावजूद उनका फोकस जल्द से जल्द काम पूरा करना था।
वर्किंग आवर्स को लेकर सवाल पूछे जाने पर प्रीति ने कहा, “हर किसी की अपनी पसंद है।” उन्होंने साफ किया कि उनके लिए लंबे घंटे काम करना उनकी अपनी पसंद और परिस्थितियों का हिस्सा था। उन्होंने किसी दूसरे कलाकार के फैसले पर टिप्पणी करने से भी इनकार किया।
दरअसल, इंडस्ट्री में यह बहस पिछले साल तेज हुई थी, जब खबरें आई थीं कि दीपिका पादुकोण ने संदीप रेड्डी वांगा की ‘स्पिरिट’ में कथित तौर पर 8 घंटे की वर्किंग शिफ्ट की मांग की थी। इसी बहस के बीच प्रीति का बयान अलग नजर आया।
‘वाइब’ कुणाल खेमू की ‘मडगांव एक्सप्रेस’ के बाद बतौर निर्देशक अगली फिल्म है। इसमें कुणाल खुद ऐसे शख्स का किरदार निभा रहे हैं, जो अनिच्छा के बावजूद एक गुप्त मिशन का हिस्सा बन जाता है। वहीं, प्रीति का एक्शन अवतार उनके कमबैक को और खास बना रहा है।