पहले ₹99 की टिकट, अब एक के साथ एक फ्री! क्या बॉक्स ऑफिस पर ‘उड़ता तीर’ की हवा निकल गई?
बॉलीवुड में आमतौर पर किसी बड़ी फिल्म की रिलीज से पहले इस बात पर चर्चा होती है कि उसकी टिकटें कितनी महंगी बिकेंगी और एडवांस बुकिंग के रिकॉर्ड कितने बड़े होंगे। लेकिन आयुष्मान खुराना की हालिया रिलीज फिल्म ‘उड़ता तीर’ के मामले में कहानी कुछ उलटी नजर आ रही है। यहां टिकटों की ऊंची कीमतों के बजाय दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए एक के बाद एक ऑफर्स का सहारा लिया जा रहा है।
पहले फिल्म के मेकर्स ने महज 99 रुपये में टिकट बेचने की रणनीति अपनाई, ताकि कम कीमत का लालच देकर दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा जा सके। लेकिन अब एक टिकट खरीदने पर दूसरी टिकट मुफ्त देने का ऑफर भी सामने आ गया है। यानी पहले टिकट सस्ती की गई और अब एक टिकट के साथ दूसरी टिकट भी मुफ्त देने की नौबत आ गई है।
सवाल यह है कि आखिर दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाने के लिए इतनी मशक्कत क्यों करनी पड़ रही है? क्या सिर्फ टिकट की कीमत कम कर देने से दर्शकों की दिलचस्पी किसी फिल्म में पैदा की जा सकती है, या फिर असली चुनौती फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह पैदा करने की है?
दिलचस्प बात यह है कि जिस इंडस्ट्री में फिल्मों की सफलता का अंदाजा कभी-कभी टिकटों की कीमत और एडवांस बुकिंग के आंकड़ों से लगाया जाता है, वहीं ‘उड़ता तीर’ के लिए दर्शकों को एक टिकट के साथ दूसरी टिकट मुफ्त देने का ऑफर दिया जा रहा है। ऐसे में फिल्म की मार्केटिंग से ज्यादा चर्चा उन तरकीबों की हो रही है, जिनके जरिए दर्शकों को थिएटर तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
बेशक, टिकट ऑफर्स अपने आप में किसी फिल्म की असफलता का प्रमाण नहीं होते। लेकिन जब कम कीमत के बाद मुफ्त टिकट का ऑफर भी देना पड़े, तो फिल्म की दर्शक अपील पर सवाल उठना लाजिमी है।