फिल्मों में नहीं, स्विमिंग में बनाया करियर! आर माधवन के बेटे वेदांत का एशियन गेम्स में डेब्यू
बॉलीवुड अभिनेता आर माधवन के बेटे वेदांत माधवन ने आखिरकार एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए स्विमिंग के मैदान में अपना डेब्यू कर लिया। फिल्मी दुनिया से आने वाले परिवार के लिए यह पल खास था, क्योंकि वेदांत ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलने के बजाय खेल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने का रास्ता चुना है।
एशियन गेम्स में वेदांत ने 4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। टोक्यो में आयोजित इस मुकाबले में वेदांत और उनकी टीम ने 7 मिनट 24.32 सेकंड का समय दर्ज किया। इस प्रदर्शन के साथ भारतीय टीम 13 टीमों में 9वें स्थान पर रही। चूंकि सिर्फ टॉप-8 टीमें फाइनल के लिए क्वालीफाई करती थीं, इसलिए भारत की टीम फाइनल में जगह नहीं बना सकी।
हालांकि, एशियन गेम्स का यह डेब्यू भले ही भारतीय टीम के लिए फाइनल तक पहुंचने के लिहाज से उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन वेदांत के लिए यह किसी बड़ी शुरुआत से कम नहीं है। इसकी वजह यह है कि वह इससे पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर चुके हैं।
वेदांत ने 2023 में मलेशिया ओपन स्विमिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे। कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह का प्रदर्शन यह दिखाता है कि वेदांत ने स्विमिंग को महज शौक के तौर पर नहीं, बल्कि गंभीर करियर के रूप में चुना है।
वेदांत की सबसे खास बात यह भी है कि उन्होंने ऐसे परिवार में रहते हुए खेल को अपना करियर बनाया, जहां उनके पिता आर माधवन बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता हैं। उनके पास चाहें तो मनोरंजन की दुनिया में कदम रखने का आसान रास्ता हो सकता था, लेकिन उन्होंने अपनी पसंद का खेल चुना और उसी में आगे बढ़ने का फैसला किया।
बेटे के इस सपने को पूरा करने में आर माधवन और उनकी पत्नी सरिता ने भी पूरा साथ दिया। वेदांत की ट्रेनिंग और बेहतर सुविधाओं के लिए परिवार ने दुबई में रहकर उनके करियर को सपोर्ट किया। आर माधवन कई मौकों पर बेटे की मेहनत और उपलब्धियों पर गर्व भी जाहिर कर चुके हैं।
एशियन गेम्स में वेदांत की पहली परीक्षा भले ही पदक या फाइनल तक पहुंचने में तब्दील नहीं हो सकी, लेकिन यह उनके सफर का सिर्फ एक पड़ाव है। 2023 में पांच स्वर्ण पदक जीतने से लेकर एशियन गेम्स जैसे बड़े मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने तक, वेदांत ने अब तक अपनी मेहनत और प्रतिभा की झलक दिखाई है।
अब नजरें उनके आने वाले मुकाबलों और भविष्य की उपलब्धियों पर होंगी। जिस तरह उन्होंने कम उम्र में स्विमिंग में अपनी पहचान बनानी शुरू की है, उससे साफ है कि वेदांत माधवन आने वाले वर्षों में भारतीय तैराकी के बड़े मंच पर खुद को साबित करने की कोशिश जारी रखेंगे।